Shri Khatu Shyam Dham, Sirsa

रामभक्त , महावीर , बजरंगबली हनुमान जी तो सबके हैं , सबके संकट हराने वाले है , फिर "मेरे हनुमान" क्यों ? क्योंकि निजत्व का जो भाव "मेरे" में है वो "सबके", "अपने" और "हमारे" में कहाँ ? इसीलिए श्री हनुमान जी महाराज के अनन्य भक्त उन्हें "मेरे हनुमान" कहकर स्मरण करते हैं | श्री हनुमान जी महाराज के ऐसे ही अनन्य भक्तों को अपने आराध्य से संबन्धित सभी जानकारियाँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का एक विनम्र प्रयास है "मेरे हनुमान"| आइये, श्री रामचन्द्र जी के पावन श्री चरणो का ध्यान करते हुए , उनके अनन्य भक्त और हम सबके आराध्य श्री हनुमान जी महाराज के चित्रों, गाथाओं, भजनों, आरती व् स्तुतियों तथा देश विदेश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें :

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